इश्क़ में एतदाल का क़ायल नहीं हूँ मैं इश्क़ है तो इबादत हो नमाज़ों में रो रो कर मुझे याद करे तू सजदे मेरे नाम के बेहिसाब करे तू मैं जो बोलूं रात है तो कोई भी पहर हो अपनी नींद जला कर उसे रात करे तू इश्क़ है तो मुकम्मल हो मैं हूँ, तो बस मैं ही जहाँ हो दूसरा कोई, वहां मैं नहीं मैं अव्वल, मैं ही आख़िर मैं अहद, मैं ही नाज़िर जो मुझे मानता है तू मेरी मानता क्यों नहीं मुझे पाने की जुस्तुजू है अगर मुझसे मांगता क्यों नहीं इश्क़ जो करता है तू इश्क़ है तो ज़ाहिर हो तेरे माथे पर मेरी का बंदगी का निशाँ हो सिर्फ़ शहादत काफी नहीं सिर्फ इक़रार काफी नहीं तुझे इश्क़ है तो ज़ाहिर कर ज़माने से डर कर गुनाह होता है मुझे जब मानते है तू मेरी मानने में हया कैसी हाँ अगर इश्क़ नहीं मुझसे फिर बात ही क्या है मुझे पुकार भी तू जो ईमान लाया है मुझ पर ...
सुनो अपनी मसरूफ ज़िन्दगी से कुछ वक़्त निकालो आ कर देखो मुझे देखो की ये अहसास ए जुर्म तुम्हारा ये ज़मीर क Don't cry over my ruins do not drive yourself mad over the blood on your hands do not give in to the nightmares the truth, my love, is that I was determined to shatter myself and the blood on your hands the blood on your hands is not from when my heart was ripped apart but from when you were trying to stitch it up aakar dekho na mujhe tum tumhe shauq tha na khandaron ko dekhne ka girti deewaron ke beech se hawa jo dastaan sunati hai unhe sunne ka आ कर देखो न मुझे तुम तुम्हे शौक़ बहुत था खंडहरों को देखने का गिरती दीवारों के बीच गुज़री दास्तान सुनने का आ कर देखो ना तुम मेरी वीरान आँखों में तुम्हे गुज़री दास्तान मिलेगी aakar dekho na mujhe tum deemak ne chaat daala hai meri tamaam jazbaaton ko main hansta to hoon muskura nahi paata koi agar chhoo de to yahin dah jae mera saara wa...
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